International Society for Krishna Consciousness

Founder Acharya — HDG A.C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada

Hare Krishna Hare Krishna, Krishna Krishna Hare Hare
Hare Rama Hare Rama, Rama Rama Hare Hare

Vaishnav Bhajan

गौराङ्ग तुमि मोरे

Composed by वासुदेव घोष

1
गौराङ्ग तुमि मोरे दया ना छाडिहो आपन करिया रांगा चरणे राखिहो॥
भावार्थहे गौरांग! मुझे आप अपनी कृपा से वंचित न करें। मुझे अपना बनाकर अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान कीजिए।
2
तोमार चरण लागि सब तेयगिलु शीतल चरण पाया शरण लोइलु॥
भावार्थआपके श्रीचरण प्राप्ति हेतु मैंने मेरे सर्वस्व का त्यागकर दिया है। अब मैंने आपके शीतल चरणों का पूर्णरूप से आश्रय लिया है।
3
एइ कुले ओ कुले मुञी दिलु तिलाञ्जलि राखिहो चरणे मोरे आपनार बोली॥
भावार्थमैंने इस कुल और उस कुल को पूर्णरूपेन त्याग दिया है, अब आप कृपा करके मुझे अपना कहकर अपने श्रीचरणों में रखिए।
4
वासुदेव घोषे बोले चरणे धरिया। कृपा करी राखो मोरे पद-छाया दिया॥
भावार्थश्रील वासुदेव घोष कहते हैं, हे गौरांङ्ग। मैं आपके चरणों को धारण करके प्रार्थना करता हूँ कि कृपा करके मुझे अपने चरणों की छाया में ही रखिए।