(जय) श्रीकृष्ण चैतन्य प्रभु नित्यानन्द।
श्रीअद्वैत गदाधर श्रीवासादि-गौरभक्तवृन्द॥
भावार्थमैं श्रीकृष्ण चैतन्य महाप्रभु, श्री नित्यानन्द प्रभु, श्री अद्वैताचार्य प्रभु, श्री गदाधर पण्डित प्रभु तथा श्रीवास प्रभु सहित अन्य सभी गौरभक्तों को प्रणाम करता हूँ।