International Society for Krishna Consciousness

Founder Acharya — HDG A.C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada

Hare Krishna Hare Krishna, Krishna Krishna Hare Hare
Hare Rama Hare Rama, Rama Rama Hare Hare

Vaishnav Bhajan

सर्वस्व तोमार

Composed by भक्तिविनोद ठाकुर

1
सर्वस्व तोमार, चरणे संपिया, पड़ेछि तोमार घरे। तुमि त’ ठाकुर तोमार कुकुर, बलिया जानह मोरे॥
भावार्थमैंने सबकुछ आपके चरणकमलों में अर्पित कर दिया है तथा इस प्रकार मैं आपके घर में आ गया हूँ। अब आप मेरे स्वामी हैं और मैं आपका कुत्ता हूँ। कृपया मेरे साथ इसी प्रकार वयवहार करें।
2
बांधिया निकटे, आमारे पालिबे, रहिब तोमार द्वारे। प्रतीप-जनेरे, आसिते ना दिब, राखिब गड़ेर पारे॥
भावार्थकृपया मुझे बाँध दें एवं अपने द्वार के निकट रख लें। इस प्रकार से कृपया मेरा निर्वाह करें। मैं किसी भी द्वेषी को आपके घर के पास नहीं आने दूँगा, बल्कि उसे दूर तक खदेड़ दूँगा।
3
तव निज-जन, प्रसाद सेविया, उच्छिष्ट राखिबे याहा। आमार भोजन, परम-आनन्दे, प्रतिदिन ह’बे ताहा॥
भावार्थआपके पार्षद आपका उच्छिष्ट पाकर जो कुछ प्रसाद छोड़ देंगे - वही मेरा प्रतिदिन का भोजन होगा तथा मैं अत्यन्त प्रसन्नतापूर्वक उसका आस्वादन करूँगा।
4
बसिया शुइया, तोमार चरण, चिन्तिब सतत आमि। नाचिते नाचिते, निकटे याइब, यखन डाकिबे तुमि॥
भावार्थचाहे मैं बैठा हूँ या सो रहा हूँ, मैं सदैव आपके चरणकमलों का ध्यान करूँगा। आप जब भी मुझे बुलाएँगे, मैं आपके पास नाचता हुआ आ जाऊँगा।
5
निजेर पोषण, कभु ना भाविब, रहिब भावेर भरे। भकतिविनोद, तोमारे पालक, बलिया वरण करे॥
भावार्थमैं अपने निर्वाह की कभी भी चिन्ता नहीं करूँगा क्योंकि मैं सदैव आपके परमानन्ददायक प्रेम में निमग्न रहूँगा। श्रील भक्तिविनोद ठाकुर आपको अपना एकमात्र पालनकर्ता स्वीकारते हैं।