नमो गौरकिशोराय साक्षाद्वैराग्य-मूर्तये।
विप्रलम्भ-रसाम्भोधे पादाम्बुजाय ते नमः॥
भावार्थमैं गौरकिशोर दास बाबाजी के चरणकमलों में सादर नमन करता हूँ, जो साक्षात् वैराग्य की मूर्ति हैं एवं कृष्ण के प्रगाढ़ प्रेम और विरह-भाव में ही सदा निमग्न रहते हैं।
Vaishnav Bhajan
Composed by Unknown