नम ॐ विष्णु-पादाय कृष्ण-प्रेष्ठाय भूतले।
श्रीमते भक्तिवेदान्त-स्वामिन् इति नामिने॥
भावार्थमैं कृष्ण-कृपा-श्रीमूर्ति श्री श्रीमद् ए.सी. भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद को सादर प्रणाम करता हूँ, जो दिव्य नाम की शरण लेने के कारण इस पृथ्वी पर भगवान श्रीकृष्ण को अत्यन्त प्रिय हैं।