International Society for Krishna Consciousness

Founder Acharya — HDG A.C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada

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The Black Hole
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The Black Hole

शॉर्ट फिल्म की असली कहानी

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शॉर्ट फिल्म की असली कहानी

रात के 3 बजे, एक थका हुआ ऑफिस कर्मचारी चार्ली अकेला ऑफिस में फोटोकॉपी कर रहा होता है। तभी मशीन अचानक खराब हो जाती है और उससे एक अजीब-सा A4 पेपर निकलता है, जिसके बीच में एक बड़ा काला गोल छेद बना होता है।

पहले तो वह इसे सामान्य गलती समझता है। लेकिन जब गलती से वह अपना कॉफी कप उस पेपर पर रखता है, तो कप सीधे पेपर के अंदर गायब हो जाता है। अब उसे समझ आता है कि यह कोई साधारण कागज़ नहीं, बल्कि एक ब्लैक होल या पोर्टल है।

पहले वह छोटी चीज़ों के लिए इसका उपयोग करता है। पेपर को वेंडिंग मशीन पर चिपकाकर अंदर हाथ डालता है और मुफ्त में अपनी पसंद की चॉकलेट निकाल लेता है।

यहीं से शुरू होता है लालच।

कुछ देर बाद वह ऑफिस के एक बंद कमरे में पहुँचता है, जहाँ एक बड़ी तिजोरी रखी होती है। वह कागज़ को तिजोरी पर चिपकाता है और अंदर से नोटों की गड्डियाँ निकालने लगता है। जितना पैसा निकलता है, उसका लालच उतना ही बढ़ता जाता है।

लेकिन उसे लगता है कि अभी भी अंदर कुछ पैसा बचा है।

आख़िरी गड्डी पाने के लिए वह खुद ही उस ब्लैक होल के रास्ते तिजोरी के अंदर घुस जाता है।

उसी क्षण बाहर लगा टेप निकल जाता है, कागज़ नीचे गिर जाता है… और ब्लैक होल बंद हो जाता है।

चार्ली हमेशा के लिए उस अंधेरी तिजोरी में कैद हो जाता है।

ईशोपनिषद् में भी कहा गया है -

ईशावास्यमिदं सर्वं यत्किञ्च जगत्यां जगत्। तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा मा गृधः कस्यस्विद्धनम्॥

अर्थ: इस जगत में जो कुछ भी है, वह सब भगवान का है। इसलिए मनुष्य को उतना ही ग्रहण करना चाहिए जितना उसके लिए नियत है, और दूसरों के धन या अधिकार के प्रति लालच नहीं करना चाहिए।

शिक्षा: “जब लालच जरूरत से आगे बढ़ जाता है, तो इंसान अपनी ही बनाई हुई तिजोरी में कैद हो जाता है।”

हमेशा याद रखें - जब आवे संतोष धन, सब धन धूरि समान।

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